स्निग्धोन्त्रताप्रतनुताप्रनखौ पादौ कुमार्याः समोपचितचारुनिगूढगुल्फौ । श्लिष्टाङ्गुली कमलकान्तितलौ च यस्या- स्तामुद्धहेद् यदि भुवोऽधिपतित्वमिच्छेत् ॥
जिस कन्या के पाँव स्निग्ध, ऊंचे, आगे से पतले और लाल नखों से युत, समान, पुष्ट, सुन्दर और छिपे हुये गुल्फ वाले, मिली हुई अंगुली वाले तथा कमल की कान्ति के समान कान्ति वाले हों; उससे पृथ्वीपतित्व की कामना रखा वाले मनुष्य को विवाह करना चाहिये ।
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