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बृहत्संहिता • अध्याय 7 • श्लोक 17
पौषाषाढश्रावणवैशाखेष्विन्दुजः समाघेषु । वृष्तो भयाय जगतः शुभफलकृत् प्रोषितः तेषु ॥
यदि बुध पौष, आषाढ़, श्रावण, विशाख और माघ मास में दृष्ट हो तो वह भूमि में भय और आतंक उत्पन्न करेगा। परंतु यदि इन महीनों में सूर्य पर ग्रहण लग जाए तो वह अच्छा प्रभाव उत्पन्न करता है।
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