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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 36
कुब्जो नाम्ना यः स शुद्धो ह्यधस्तात् क्षीणः किञ्चित् पूर्वकाये नतश्च । हंसासेवी नास्तिकोऽ धैरुपेतो विद्वान् शूरः सूचकः स्यात् कृतज्ञः ॥
कुब्ज पुरुष नाभि से नीचे पूर्ण अंग और ऊपर कुछ क्षीण और नत अंग वाला, हंस नामक राजा का सेवक, नास्तिक, धनी, विद्वान्, क्रूर, सूचक और कृतज्ञ होता है।
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