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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 35
कूरो धनी स्थूलमतिः प्रतीत- स्ताप्रच्छविः स्यात् परिहासशीलः ।उरोऽ‌प्रिहस्तेष्वसिशक्तिपाश- परश्वधाङ्कः स जघन्यनामा ॥
यह कूर, पनी, स्थूल बुद्धि, प्रसिद्ध, ताम्र वर्ष की तरह कान्ति बाला एवं हास्यप्रिय होता है तथा इसकी छाती, चरण और हाथ तलवार, बड़ीं, पाश और परशु के समान रेखाओं से युत होते हैं।
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