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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 3
सत्त्वमहीनं सूर्याच्छारीरं मानसं च चन्द्रबलात् । यद्राशिभेदयुक्तावेतौ तल्लक्षणः स पुमान् ॥
सूर्य बली हो तो पुरुष परिपूर्ण सत्त्व वाला एवं चन्द्र बली हो तो मानसिक बल बाला होता है। सूर्य-चन्द्र दोनों जिस राशि के भेद (राशि, होरा, द्रेष्काण, नवांश, द्वादशांस और त्रिंशाश) में बैठे हों, उस राशिपति के धातु, महाभूत, प्रकृति, कान्ति, वर्ण, सत्व, रूप आदि लक्षणों से युत पुरुष होता है
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