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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 27
भुनक्ति हंसः खसशूरसेनान् गान्धारगङ्गायमुनान्तरालम् । शतं दशीनं शरदां नृपत्वं कृत्वा वनान्ते समुपैति मृत्युम् ॥
नेपाल, शूरसेन, गान्धार, गंगा और यमुना के मध्य का देश इन देशों का हंस पुरुष भोग करता है तथा नब्बे वर्ष तक राज्य का भोग करके वन के समीप में ही मृत्यु को प्राप्त होता है।
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