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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 25
रक्तं पीनकपोलमुन्नतनसं वक्त्रं सुवणॉपमं वृत्तं चास्य शिरोऽक्षिणी मधुनिभे सर्वे च रक्ता नखाः । खग्दामाङ्कुशशङ्खमत्स्ययुगलक्रत्वङ्ग कुम्भाम्बुर्ज- चिहँहंसकलस्वनः सुचरणो हंसः प्रसन्नेन्द्रियः ॥
लाल मुख वाला, पुष्ट कपोल वाला, ऊँची नासिका वाला, सुवर्ण के समान कान्ति वाला, गोल शिर वाला, शहद के समान आँख वाला, रक्त नखों से युत, माला, अंकुश, शंख, मत्स्ययुगल, यज्ञाङ्ग (बेदी-सुव आदि), कलश या कमल के समान रेखा से युत हाथ-पाँव वाला, हंस के समान मधुर स्वर वाला, सुन्दर पाँव वाला और निर्मल इन्द्रिय वाला हंस पुरुष होता है।
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