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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 23
मध्ये कृशः खेटकखङ्गवीणा पर्यङ्कमालामुरजानुरूपाः । शूलोपमाश्चोर्ध्वगताश्च रेखाः शशस्य पादोपगताः करे वा ॥
शश पुरुष का मध्य भाग दुर्बल होता है तथा उसके पाँव या हाथ में ढाल, खड्ग, वीणा, पलंग, माला, मृदंग और त्रिशूल के समान रेखा या ऊर्ध्व रेखा होती है।
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