मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 20
भुक्त्वा सम्यग्वसुधां शौर्येणोपार्जितामशीत्यब्दः । तीर्थे प्राणांस्त्यक्त्वा भद्रो देवालयं याति ॥
भद्र पुरुष अपने पराक्रम से उपार्जित पृथ्वी को अच्छी तरह भोग कर अस्सी वर्ष की अवस्था में तीर्थस्थान पर प्राण छोड़ कर स्वर्ग जाता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें