स्वगृह या उच्च में स्थित होकर केन्द्र में बली बृहस्पति हो तो हंस, शनि हो तो शत, मंगल हो तो रुचक, बुध हो तो भद्र और शुक्र हो तो मालव्य योग होता है।
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