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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 19
अङ्गुलानि नवतिश्च षडूनान्युच्छ्रयेण तुलयापि हि भारः । मध्यदेशनृपतिर्यदि पुष्टाख्यादयोऽस्य सकलावनिनाथः ॥
भद्र पुरुष चौरासी अंगुल ऊँचा, एक तुला भार वाला और मध्य देश का राजा होता है। यदि इसकी एक सौ पाँच अंगुल व्यायाम हो तो चक्रवर्ती राजा होता है।
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