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बृहत्संहिता • अध्याय 69 • श्लोक 17
नवाम्बुसिक्तावनिपत्रकुङ्कुमद्विपेन्द्रदानागुरुतुल्यगन्यता । शिरोरुहा शैकजकृष्णकुञ्चितास्तुरङ्गनागोपमगुह्मगूढता ॥
भद्र पुरुष के शरीर में नवीन जल से सिंची हुई भूमि की गन्ध के समान, गन्धपत्र, कुङ्कुम, हाथी का मद या अगर के समान गन्ध होती है। उसके शिर के एक-एक रोमकूप में काले और एक-एक बाल होते हैं तथा घोड़ा या हाथी के समान छिपा हुआ उसका लिंग होता है।
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