शरीर के जो-जो अंग रूखे, मांसरहित और नाड़ियों से प्याप्त हों, वे सभी अशुभ कहे गये हैं तथा इनसे विपरीत (स्निग्ध, मांसयुत और नाड़ियों से रहित) अंग शुभ होते हैं।
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