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बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 80
एकैकभवैः स्निग्धैः कृष्णैराकुश्चितैरभिन्नायैः । मृदुभिर्न चातिबहुभिः केशैः सुखभाग् नरेन्द्रो वा ॥
जिसके एक रोमकूप में एक-एक, काले, स्निग्ध, थोड़े से कुटिल, विना फूटे अग्र भाग वाले, कोमल तथा घने केश हों तो ऐसा पुरुष सुखी या राजा होता है।
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