विना काँपते हुये हँसना शुभ होता है तथा आँख मूँद कर हँसने वाला पापी, बार-
बार हँसने वाला दुष्ट तथा हँसने के अन्त में पुनः पुनः हँसना उन्मादयुत पुरुष का
लक्षण है।
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