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बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 7
लिङ्गेऽल्पे धनवानपत्यरहितः स्यूलेऽपि हीनो धनै- मॅड्रे वामनते सुतार्थरहितो वक्केऽन्यथा पुत्रवान्। दारिद्र्यं विनते त्वघोऽल्पतनयो लिने शिरासन्तते स्थूलग्रन्यियुते सुखी मृदु करोत्यन्तं प्रमेहादिभिः ॥
छोटे लिंग बाला मनुष्य धनी और सन्तानरहित, स्थूल लिंग वाला निर्धन, बाँई ओर झुका हुआ लिंग वाला पुत्र तथा धन से रहित, दाहिनी ओर झुका हुआ लिंग वाला पुत्रवान, नीचे की ओर झुका हुआ लिंग वाला दरिद्र, नाड़ियों से व्याप्त लिंग वाला अल्प पुत्र वाला, स्थूल ग्रन्यियुत लिंग वाला सुखी और कोमल आदि लिंग वाला मनुष्य प्रमेह आदि रोगों से मरण पाने वाला होता है।
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