जो छींकने के समय केवल एक बार छोंके वह धनी तथा दो-तीन बार मिला हुआ हादि (बोलते हुये बहुतों के मध्य में जो सुनाई दे), सानुनाद अतिदोर्ष) और पूर्वोक्त संहत (आदि, मध्य तथा अन्त में समान) छींकने वाले मनुष्य दीर्घायु होते हैं।
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