मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 46
कलशमृणालपताकाङ्कुशीपमाभिर्भवन्ति निधिपालाः । दामनिभाभिधान्याः स्वस्तिकरूपाभिरैश्चर्यम् ॥
क डाड हाथ में रेखा हो तो अति घनी और स्वस्तिक (राजगृह-समान) की रेखा हो तो ऐवर्यशाली होता है। यदि चक्र, खदन, फरशा, तोमर, वहीं, धनुष था धाता के समान हाथ में रेखा हो तो सेनापति और ऊखत के समान हो तो मासिक होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें