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बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 45
वज्राकारा धनिनां विद्याभाजां च मीनपुच्छनिभाः । शङ्खातपत्रशिविकागनाद्यपद्योपमा नृपतेः ॥
२१९ के समान हो तो विद्वान् तथा शंख, उर, पालक, हाथी, पोड़ा और कमल के समान रेखा हो जो राजा होता है। यदि कलश यात (कमल को पताका या अंकुश के समान हाथ में देखा हो तो वह व्यक्ति भूमि में घर गाड़ने वाला होता है।
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