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बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 31
चिपिटग्रीवो निःस्वः शुष्का सशिरा च यस्य वा प्रीवा। महिषग्रीवः शूरः शस्त्रान्तो वृषसमग्रीवः ॥
चपटी ग्रीवा वाला पुरुष निर्धन, सूखी हुई नाड़ियों से युत ग्रीवा वाला निर्धन, महिष के समान ग्रीवा वाला सूर और बैल के समान ग्रीवा वाला शख से मरण पाने वाला होता है।
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