मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 30
विषमैर्विषमो जत्रुभिरर्थविहीनोऽस्थिसन्धिपरिणन्दैः । उन्नतजनुभोंगी निम्नैर्निः स्वोऽ र्थवान् पीनैः ॥
विषम जत्रु (कन्धों के जोड़) वाला मनुष्य क्रूर, अस्थिसन्धियों से व्याप्त जत्रु वाला मनुष्य निर्धन तथा पर जत्र वाला परुष धनी होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें