पुष्ट, कोमल और दक्षिणावर्त रोमों से युक्त पार्श्व वाले मनुष्य राजा होते हैं। विपरीत लक्षणों (मांसरहित, कठोर तथा वामावर्त रोमों) से युक्त पार्श्व वाले मनुष्य निर्धन, दुःखी और दूसरे के दास होते हैं।
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