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बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 13
मणिभि मध्यनिम्नैः कन्यापितरो भवन्ति निःस्वाश्च । बहुपशुभाजो मध्योन्त्रतैश्च नात्युल्वणैर्धनिनः ॥
जिनके मणि के मध्य भाग विनत हों, वे कन्याओं के पिता और निर्धन होते हैं। जिनके मणि- मध्य ऊँचे हों, वे बहुत पशुओं के स्वामी होते हैं तथा जिनके मणि ही न हों, वे मनुष्य धनी होते हैं।
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