शार्दूलहंससमदद्विपगोपतीनां
तुल्या भवन्ति गतिभिः शिखिनां च भूपाः ।
येषां च शब्दरहितं स्तिमितं च यातं
तेऽपीश्वरा द्रुतपरिप्लुतगा दरिद्राः ॥
सिंह, हंस, मतवाले हाथी, बैल और मयूर के समान गति वाले मनुष्य राजा होते हैं। शब्दरहित और मन्द गति वाले भी धनी होते हैं तथा शीघ्र और मेढक के समान गति वाले मनुष्य दरिद्र होते हैं।
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