जिनके दक्षिणावर्त क्रम से दो, तीन या चार मूत्र की धारा होकर गिरती हो, वे राजा होते हैं। जिनकी मूत्रधार इधर-उधर बिखरती हो, ये निर्धन होते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।