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बृहत्संहिता • अध्याय 68 • श्लोक 103
वानरमहिषवराहाजतुल्यवदनाः श्रुतार्थसुखभाजः । गर्दभकरभप्रतिमैर्मुखैः शरीरैश्च निःस्वसुखाः ॥
बन्दर, महिष, सूआ या बकरे के समान मुख वाले का पूर्व जन्म मध्यम होता है तथा वे शास्त्र, धन और मुख में पुत्र होते हैं। गदहा या ऊँट के समान मुख वाले का पूर्व जन्म अशुभ होता है तथा वे धन और सुख से रहित होते हैं।
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