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बृहत्संहिता • अध्याय 67 • श्लोक 6
ताम्रोष्ठतालुक्दनाः कलविङ्कनेत्राः स्निग्धोत्रताषदशनाः पृथुलायतास्याः । चापोव्रतायतनिगूढनिमग्नवंशा स्तन्वेकरोमचितकृर्मसमानकुम्भाः ॥
ताम्रवर्ण के ओंठ, सातु और मुख पाला, बरों में रहने वाले पक्षियों के समान नेत्र बाला, स्निग्ध और उक्त दाँत के अभाग बाला, विस्तीर्ण और दीर्घ मुख वाला, पनु के समान उबत, दीर्घ, निगूढ और निमा कये के समान
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