स्वल्पवक्त्ररुहमत्कुणषण्ान् हस्तिनीं च गजलक्षणयुक्ताम् । गर्भिणीं च नृपतिः परदेशं प्रापयेदतिविरूपफलास्ते ॥
मुखरोम वाला, विना दाँत वाला, षण्द, हाथी के लक्षण धाली गर्भयुत हथिनी-इन सभी हाथियों को राजा द्वारा परदेश में भेज देना चाहियेः क्योंकि ये सभी दुष्ट फल देने वाले होते हैं।
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