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बृहत्संहिता • अध्याय 65 • श्लोक 9
कुष्टकः कुटिलश्चैव जटिलो वामनस्तथा। ते चत्वारः श्रियः पुत्रा नालक्ष्मीके वसन्ति ते ॥
कुट्टक, कुटिल, जटिल और वामन-ये चारो प्रकार के छाग लक्ष्मी के पुत्र हैं और लक्ष्मीरहित देश में ये सभी निवास नहीं करते हैं।
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