विचरति यूथस्यात्रे प्रथमं चाम्भोऽवगाहते योऽजः । स शुभः सितमूर्धा वा मूर्धनि वा कृत्तिका यस्य ॥
अपने यूथ के आगे चलने वाला, सबसे पहले पानी में घुसने वाला, चेत वर्ण के शिर वाला या कृत्तिका नक्षत्र की तरह छः बिन्दुओं से युक्त मस्तक वाला छाग शुभ होता है। ऐसे छाग को 'कुट्टक' कहते हैं।
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