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बृहत्संहिता • अध्याय 65 • श्लोक 2
दक्षिणपाचे मण्डलमसितं शुक्लस्य शुभफलं भवति । ऋष्यनिभकृष्णलोहितवर्णानां श्वेतमतिशुभदम् ॥
जिस छाग के दक्षिण पार्क में बेत वर्ण का मण्डल हो, ऋष्य (मृगविशेष) के समान कृष्ण-लोहित वर्ण हो या काले अथवा लाल वर्ण के होते हुये भी जिसके दक्षिण पार्क में खेत वर्ण का मण्डल हो, वह शुभ होता है।
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