मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 62 • श्लोक 2
पादे पश्च पश्चाप्रपादे वामे यस्याः षण्नखा मल्लिकाक्ष्याः । वक्रं पुच्छ पिङ्गलालम्बकर्णा या सा राष्ट्रं कुक्कुरी पाति पुष्टा ॥
जिस कुतिया के तीन पाँवों में पाँच-पाँच नख और अगले बाँये पाँव में छः नख हॉ, मल्लिका (बेलापुष्प) के समान जिसकी आँख हों, टेढ़ी पूँछ हो, पीला वर्ण हो और लम्बे कान हों तो ऐसी कुतिया अपने स्वामी के राज्य की रक्षा करती है।।२।। इति 'विमला' हिन्दीटीकायां श्वलं प्राध्यायो द्वाषष्टितमः ॥
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें