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बृहत्संहिता • अध्याय 61 • श्लोक 19
यो वा सितैकचरणैर्यथेष्टवर्णश्च सोऽपि शुभफलकृत्। मिश्रफलोऽपि प्राह्यो यदि नैकान्तप्रशस्तोऽस्ति ॥
किसी भी रंग के बैल के यदि चारो पाँव सफेद हों तो वह शुभ करने वाला होता है। यदि सर्वथा शुभ लक्षणयुत बैल न मिले तो मिश्रित फल वाला भी ग्रहण करना चाहिये; परन्तु उसमें शुभ फल की मात्रा अधिक होनी चाहिये।
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