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बृहत्संहिता • अध्याय 61 • श्लोक 16
लम्यैर्वृषणैर्मेयोदरश्च संक्षिप्तवं क्षणक्रोडः । ज्ञेयो भाराध्वसहो जवेऽश्वतुल्यश्च शस्तफलः ॥
पिछली जङ्घा और अण्डकोश का मध्य भाग तथा अगली जङ्घाओं का मध्य भाग सङ्कुचित हो-ऐसा बैल भार उठाने में तथा चलने में समर्थ होता है। साथ ही घोड़े के समान गति वाला बैल शुभ फल प्रदान करने वाला होता है।
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