वामावर्तेर्वामे दक्षिणपार्श्वे च दक्षिणावर्तेः । शुभदा भवन्त्यनडुहो जङ्घाभिश्चैणकनिभाभिः ॥
जिनके वाम पार्श्व वामावर्त और दक्षिण पार्श्व दक्षिणावर्त रोमों से युक्त हों तथा जिनकी जंघा ऐणक (मृग) की जंघा के समान हो, ऐसे बैल शुभ होते हैं।
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