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बृहत्संहिता • अध्याय 60 • श्लोक 2
पूर्वे भागे चित्राः स्रजः पताकाश्च मण्डपस्योक्ताः । आग्नेय्यां दिशि रक्ताः कृष्णाः स्युर्याम्यनैऋत्योः ॥
मण्डप के पूर्व भाग में अनेक वर्ण की पुष्पमाला और पताका लगानी चाहिये तथा अग्निकोण में लाल, दक्षिण और नैऋत्य कोण में काली
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