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बृहत्संहिता • अध्याय 60 • श्लोक 16
अभ्यर्च्य कुसुमवस्त्रानुलेपनैः शङ्खतूर्यनिर्घोषैः । प्रादक्षिण्येन नयेदायतनस्य प्रयत्लेन ॥
उस प्रतिमा का पुष्य, वस्त्र, चन्दन और सुगन्धित द्रव्यों से पूजन करके शंख और तुरही के शब्दों के साथ अधिवासन मण्डप से प्रदक्षिण क्रम से प्रासाद के अन्दर प्रवेश कराना चाहिये।
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