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बृहत्संहिता • अध्याय 60 • श्लोक 15
सुप्तां सगीतनृत्यैर्जागरणैः सम्यगेवमधिवास्य । दैवज्ञसम्प्रदिष्टे काले संस्थापनं कुर्यात् ॥
सोई हुई प्रतिमा को गीत, नृत्य और जागरण के द्वारा अधिवासन करके दैवज्ञों के द्वारा प्रतिपादित मुहूर्त में उसकी प्रतिष्ठा करनी चाहिये।
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