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बृहत्संहिता • अध्याय 59 • श्लोक 9
परमान्नमोदकौदनदधिपललोल्लोपिकादिभिर्भक्ष्यैः । मद्यैः कुसुमैघूपैर्गन्यैश्च तरुं समभ्यर्च्य ॥
खीर, लडू, भात, दही, मांस, उल्लोपिका (एक प्रकार की भोज्य वस्तु) आदि मक्ष्य वस्तुयें, पुष्प और सुगन्ध द्रव्यों से वृक्ष की पूजा करने के उपरान्त रात्रि में देवता
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