मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 59 • श्लोक 5
तरवो वर्जयितव्याः शुभदाः स्युः स्निग्धपत्रकुसुमफलाः । अभिमतवृक्षं गत्वा कुर्यात् पूजां सबलिपुष्पाम् ॥
( प्रतिमा-निर्माण हेतु लकड़ी के इच्छुक व्यक्ति द्वारा) त्याग कर देना चाहिये। स्निग्ध पत्ते, फूल और फल वाले वृक्ष शुभ होते हैं। इस प्रकार अभीष्ट वृक्ष के पास जाकर बलि और पुष्यों के द्वारा सर्वप्रथम उस वृक्ष की पूजा करनी चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें