( प्रतिमा-निर्माण हेतु लकड़ी के इच्छुक व्यक्ति द्वारा) त्याग कर देना चाहिये। स्निग्ध पत्ते, फूल और फल वाले वृक्ष शुभ होते हैं। इस प्रकार अभीष्ट वृक्ष के पास जाकर बलि और पुष्यों के द्वारा सर्वप्रथम उस वृक्ष की पूजा करनी चाहिये।
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