हे वृक्ष! अमुक देवता की पूजा के लिये कल्पित किये हुये आपको मैं नमस्कार करता हूँ, मेरे द्वारा की गई विधिपूर्वक इस पूजा को आप ग्रहण करें तथा इस वृक्ष पर जो प्राणी निवास करते हैं,
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