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बृहत्संहिता • अध्याय 58 • श्लोक 37
एकानंशा कार्या देवी बलदेवकृष्णयोर्मध्ये । कटिसंस्थितवामकरा सरोजमितरेण चोद्वहती ॥
बलदेव और कृष्ण की प्रतिमा के मध्य में 'एकानंशा' नाम की देवी की प्रतिमा बनानी चाहिये। उसका बाँया हाथ उसके कमर पर रखना चाहिये और दाहिने हाथ में कमल धारण कराना चाहिये।
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