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बृहत्संहिता • अध्याय 58 • श्लोक 30
दशरथतनयो रामो बलिश्च वैरोचनिः शतं विंशम् । द्वादशहान्या शेषाः प्रवरसमन्यूनपरिमाणाः ॥
दशरथतनय राम और विरोचन के तनय बलि की प्रतिमा एक सौ बीस अंगुल लम्बी बनानी चाहिये। शेष समस्त प्रतिमायें एक सी आठ अंगुल लम्बी उत्तम, छियानबे अंगुल लम्बी मध्यम और चौरासी अंगुल लम्बी अधम होती हैं।
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