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बृहत्संहिता • अध्याय 58 • श्लोक 24
चत्वारिंश‌द्विद्युता नाभीमध्येन मध्यपरिणाहः । स्तनयोः षोडश चान्तरमूर्ध्वं कक्ष्ये षडङ्गुलिके ॥
नाभिस्थान की मोटाई बयालीस अंगुल, दोनों स्तनों का अन्तर सोलह अंगुल और स्तनों के ऊपर बगल में छः-छः अंगुल के कोख होते हैं।
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