मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
बृहत्संहिता • अध्याय 58 • श्लोक 13
कार्या तु केशरेखा भूबन्यसमाङ्गुलार्थविस्तीर्णा । नेत्रान्ते करवीरकमुपन्यसेदङ्गुलप्रमितम् ।।
बत्तीस अंगुल लम्बा और चौदह अंगुल चौड़ा शिर बनाना चाहिये। चित्र में केवल बारह अंगुल शिर दिखाई देता है। शेष बीस अंगुल पिछला भाग नहीं दिखाई देता।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
बृहत्संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

बृहत्संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें