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बृहत्संहिता • अध्याय 57 • श्लोक 2
एतैः सलिलद्रोणः क्वाथयितव्योऽष्टभागशेषश्च । अवतार्योऽस्य च कल्को द्रव्यैरेतैः समनुयोज्यः ॥
जब अष्टमांश शेष रह जाय तब उसको उतार ले। बाद में उसमें श्रीवासक (सरल) वृक्ष का गोंद, बोल, गूगल, भिलावा,
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