सोलह हाथ विस्तार वाला होता है। 'गुहराज' प्रासाद गुह की आकृति वाला और सोलह हाथ विस्तार वाला होता है तथा इन दोनों ही प्रासादों का बलभी तीन चन्द्रशालाओं से समन्वित होता है।
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