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बृहत्संहिता • अध्याय 56 • श्लोक 20
त्रिंशद्धस्तायामो दशभौमो मन्दरः शिखरयुक्तः । कैलासोऽपि शिखरवानष्टाविंशोऽष्टभौमश्च ॥
'मन्दर' नामक प्रासाद छः कोण वाला, तीस हाथ तुल्य विस्तार वाला, दश भूमि वाला और शिखरों से युक्त होता है। 'कैलाश' नामक प्रासाद शिखरों से युक्त, अट्ठाईस हाथ विस्तार वाला, आठ भूमि वाला और छ: कोण वाला होता है।
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