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बृहत्संहिता • अध्याय 55 • श्लोक 7
घृतोशीर तिलक्षौद्रविडङ्ग क्षीरगोमयैः आमूलस्कन्धलिप्तानां संक्रामणविरोपणम् ॥
घृत, खस, तिल, शहद, विडङ्ग (वायविडङ्ग), दूध, गोबर-इन सबों को पीसकर मूल से लेकर अग्रभागपर्यन्त लेप कर वृक्ष को एक स्थान से उठाकर दूसरे स्थान पर लगाना चाहिये।
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